जीएसटी विभाग के लाडले ट्रांस्पोर्टर: दिल्ली से जम्मू तक बुक होता है बिना बिल का माल

3 सालों में दो दर्जन से ज्यादा ट्रांस्पोर्टरों ने भरा इतने करोड़ रुपये जुर्माना!

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जालंधर/अनिल वर्मा/वरुण अग्रवाल। कहते हैं कि जिसके सिर पर बड़े अधिकारी का हाथ हो उसे सौ गल्तियां भी माफ होती हैं। जीएसटी विभाग के कुछ लालची अफसरों का हाथ भी पंजाब के कुछ ट्रांस्पोर्टरों के सिर पर ऐसा ही रहा है जिसकी वजह से ट्रांस्पोर्टरों का पंजाब में टैक्स चोरी (तस्करी) का धंधा काफी फल फूल रहा था। जोकि दिल्ली से जम्मू तक बिना बिल का माल बुक करते थे। मगर विजीलैस विभाग द्वारा इस नैक्सिस को ब्रेक करने के बाद पंजाब के कई बड़े ट्रांस्पोर्टर धंधा बंद कर फरार होने की तैयारी कर रहे हैं।

मामले की जांच कर रही विजीलैंस द्वारा अब उन ट्रांस्पोर्टरों पर शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है जोकि लगातार पंजाब में बिना बिल का धंधा करते थे। विभाग के हाथ एक ऐसा दस्तावेज लगा है जिससे साफ जाहिर होता है कि पंजाब में किस कदर ट्रांस्पोर्टर बैखौफ होकर अपना टैक्स चोरी (तस्करी) का धंधा कर रहे थे। इस धंधे को चमकाने के लिए कई बड़े ट्रांस्पोर्टरों ने दिल्ली, लुधियाना, अमृतसर, पठानकोट तथा जम्मू में अपने दफ्तर खोले हुए हैं।

एक कांग्रेसी नेता ने नाम न छापने पर बताया कि उन्होंने जीएसटी विभाग से तीन सालों दौरान अंडर बिल तथा बिना बिल पकड़े गए माल का ब्यौरा मांगा था तथा किस ट्रांस्पोर्टर को टैक्स चोरी करने पर कितना जुर्माना लगाया गया। आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार 2017 से मार्च 2020 तक जालन्धर में 98 ट्रकों तथा 22 बसों में 57 अंडर बिल तथा 63 बिना बिल जा रहे नगों को पकड़ा गया जिन्हे एक्सेस करने के बाद 8 करोड़ 70 लाख 66 हजार 461 रुपये जुर्माना लगाया गया। बता दें कि बिना बिल पकड़े गए माल का जुर्माना 100 प्रतिशत लगाया जाता है तथा अंडर बिल की कैटागरी को एक्सैस करने के बाद जुर्माना लगाया जाता है।

इन ट्रकों से पकड़े गया माल साधु फ्राईट कैरियर, जेएसके कारगो ,ओटीसी ट्रांस्पोर्ट, आर्शीवाद ट्रेडर, लुधियाना गोल्डन, अकाश गंगा, लक्की ट्रांस्पोर्ट, पंजाब रोडलाईन, शिव सागर ट्रांस्पोर्ट,गणपति गोल्डन,सचखंड ट्रांस्पोर्ट, न्यू स्टार कारगो सहित दो दर्जन ट्रांस्पोर्टस का था। विजीलैंस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में इन्ही ट्रांस्पोर्टस में से दो ट्रांस्पोर्टस के मालिक भी शामिल है।

इन आईट्मस की होती थी तस्करी !

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