Himachalमुश्ताक गुज्जर ने अंब में उगाए ड्रैगन फ्रूट के पौधे, डेढ़ क्विंटल से अधिक हुई पैदावार

मुश्ताक गुज्जर ने अंब में उगाए ड्रैगन फ्रूट के पौधे, डेढ़ क्विंटल से अधिक हुई पैदावार

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बागवानी विभाग की तकनीकी सहायता व योजना का लाभ ले कर मुश्ताक बने अग्रणी किसान

ऊना/सुशील पंडित: मेहनत अगर की जाए, तो सब कुछ मुमकिन है। मुश्ताक गुज्जर इसी की एक मिसाल हैं। उन्होंने अंब के आदर्श नगर में ड्रैगन फ्रूट के पौधे उगाकर इस वर्ष डेढ़ क्विंटल से अधिक पैदावार ली है, जिससे उन्हें काफी लाभ मिला है। शरीर को खनिज पोटाश, कैल्शियम, एंटीऑक्सिडेंट तथा एंटीएजिंग तत्व प्रदान करने वाले ड्रैगन फ्रूट की बाजार में काफी मांग है और यह ऊंचे दाम पर बिकता है।

मुश्ताक गुज्जर बताते हैं “वर्तमान में अपनी लगभग आधा एकड़ भूमि पर अमेरिकन ब्यूटी तथा रेड सिमन किस्म के ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहा हूं। मैंने ड्रैगन फ्रूट के एक हजार से अधिक पौधे लगाए हैं। पिछले वर्ष एक क्विंटल ड्रैगन फ्रूट की पैदावार की थी और इस वर्ष लगभग डेढ़ क्विंटल ड्रैगन फ्रूट की पैदावार की है, जिसे 200 रूपये प्रति किलो के हिसाब से मार्किट में सेल की है। दिल के मरीजों के लिए यह फल वरदान है।”

खाने में यह फल स्ट्रॉबैरी व लीची जैसे मीठा स्वाद देता है। यह फल जितना स्वादिष्ट है, उतना ही स्वास्थ्यवर्धक भी। इंसान के शरीर में ड्रैगन फ्रूट एक दवा का काम करता है। ड्रैगन फ्रूट की खेती में मुश्ताक का परिवार भी भरपूर साथ देता है। उनके पिता रिटायर्ड सूबेदार मेजर शौकत अली गुज्जर कहते हैं “वर्ष 2019 के मार्च माह में 125 सीमेंट के पोल बनाकर 500 ड्रैगन फ्रूट के पौधे लगाए थे। सितंबर से अक्तूबर माह में फूल से फल तैयार होने में 40 दिन का समय लगता है। जबकि ठंड के मौसम में दो महीने तक का समय भी लग जाता है। ड्रैगन फ्रूट के पौधे का औसतन जीवन 25-30 वर्ष होता है। ऐसे में किसान को एक ही बार निवेश करना होता है।”

मुश्ताक को ड्रैगन फ्रूट की खेती में बागवानी विभाग का भरपूर सहयोग मिला। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से 80 प्रतिशत अनुदान पर उन्हें प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत ड्रिप इरिगेशन सिस्टम प्रदान किया गया है। इसके अतिरिक्त बागवानी विभाग के अधिकारी समय-समय पर आकर तकनीकि सहायता भी देते हैं। उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग ने ड्रैगन फ्रूट के पौधों के पोषण हेतू प्राथमिक न्यूट्रिशन तथा पौधे में लगने वाली फंगस की बीमारी से बचाव के लिए कॉपर सल्फेट व चूने के घोल से बनने वाली स्प्रे इत्यादि दवाओं के बारे में जानकारी प्रदान की है, जिससे काफी मदद मिली। वह मदद के लिए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर व बागवानी विभाग के अधिकारियों का धन्यवाद करते हैं।

पावर टिलर देने का प्रस्ताव
वहीं बागवानी विभाग के उप-निदेशक डॉ. अशोक धीमान ने कहा कि अंब के किसान मुश्ताक अहमद ड्रैगन फ्रूट की खेती में काफी मेहनत कर रहे हैं। विभाग ने उन्हें सब्सिडी पर ड्रिप इरिगेशन सिस्टम प्रदान किया है और अब उनके काम को आसान बनाने के लिए विभाग एक पावर टिलर की खरीद पर उन्हें 50 प्रतिशत सब्सिडी भी देने जा रहा है। डॉ. धीमान ने कहा कि बागवानी विभाग प्रगतिशील किसानों को हरसंभव देने के लिए तत्पर है तथा किसान अपने नजदीकी बागवानी विभाग के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।

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